तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की है कि वह मई 2021 से अप्रैल 2026 के बीच शांति पूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसानों और शिक्षकों के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेगी। यह निर्णय परंदूर हवाई अड्डा आंदोलन और राज्य भर में हुए विभिन्न आजीविका संबंधी प्रदर्शनों को ध्यान में रखकर लिया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम से सामाजिक शांति बहाल होगी और न्यायिक बोझ कम होगा।
पिछले सप्ताह जी.के. वासन ने राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर तमिलनाडु सरकार को डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने का आग्रह किया था, जिससे सरकार पर दबाव बना। उसी समय कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 2022 के अलंद दंगों से जुड़े 52 आपराधिक मामलों में अभियोजन वापस लेने पर रोक लगाई, जिससे न्यायिक प्रक्रियाओं में सावधानी बरतने की आवश्यकता स्पष्ट हुई। इन घटनाओं ने तमिलनाडु को अपने निर्णय में अधिक विचारशील बनाने में मदद की।
तमिलनाडु सरकार ने पहले ही मैड्रास उच्च न्यायालय के गाय हत्या पर प्रतिबंध को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस संदर्भ में, किसानों और शिक्षकों के विरुद्ध मामलों को वापस लेना एक संतुलित नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच विश्वास पुनः स्थापित हो सके। इस कदम से राज्य में शांति और न्याय दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

