तेलंगाना के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय खेल दिवस का समारोह शुरू हुआ, जहाँ संवाददाता पी. रवि मारुथ और प्राचार्य आर. पार्वती रेड्डी ने मेजर ध्यां चंद की तस्वीर के सामने फूल चढ़ाकर उनके हॉकी में अद्वितीय योगदान को सम्मानित किया। उन्होंने ध्यां चंद की उपलब्धियों को उजागर करते हुए भारतीय खेल इतिहास में उनके स्थान को पुनः स्थापित किया। इस श्रद्धांजलि में उपस्थित सभी ने उनके साहस और समर्पण को सराहा।

समारोह के दौरान खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल बोर्ड के अध्यक्ष तथा दो सदस्यों के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करने की घोषणा भी स्मरणीय रही, जिससे खेल प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार हो सके। इसी क्रम में विश्व खेल पत्रकार दिवस पर खेल मंत्री मनुश्क मंदविया और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष जय शाह ने मीडिया की अनमोल भूमिका की प्रशंसा की, जो इस उत्सव को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने में सहायक रही। इसके अतिरिक्त, कश्मीर के इस्लामिक विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को भी उल्लेखित किया गया, जिससे खेल, पत्रकारिता और योग के बीच समग्र विकास की दिशा स्पष्ट हुई।

तेलंगाना सरकार ने इस अवसर पर युवा खिलाड़ियों को खेल के विभिन्न क्षेत्रों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और भविष्य में राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का मान बढ़ाने की योजना घोषित की। उन्होंने खेल सुविधाओं के विस्तार, कोचिंग कार्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की प्रतिबद्धता जताई। इस प्रकार, राष्ट्रीय खेल दिवस ने न केवल ध्यां चंद की स्मृति को जीवित किया, बल्कि राज्य के खेल परिदृश्य को नई दिशा देने का संकल्प भी दिया।