निर्मल जिले के कुबीर गांव और उसके निकटवर्ती गांवों के किसान सुबह से ही कुबीर-भैंसा सड़क पर रस्ता रोका प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगातार बिजली कटौती के कारण फसलों को गंभीर नुकसान हो रहा है, जिससे उनकी आय में भारी गिरावट आई है। इस मांग के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य प्रतिदिन पंद्रह घंटे की निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है, जिससे कृषि कार्य सुचारु रूप से चल सके।

पिछले कुछ हफ्तों में तेलंगाना के विभिन्न जिलों में बिजली की कमी से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज हुई थीं, जैसे कि हैदराबाद में KBR पार्क के आसपास एकतरफा ट्रैफिक परीक्षण के दौरान भी ऊर्जा आपूर्ति की अनियमितता ने यातायात में अराजकता पैदा की थी। इसी प्रकार, चेन्नई में ट्रैफिक डाइवर्जन के कारण भी नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बुनियादी सुविधाओं में व्यवधान का व्यापक प्रभाव पड़ता है। इन घटनाओं ने सरकार को बुनियादी सेवाओं की तत्परता पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया है।

रास्ता रोका के बाद NPDCL के अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि बिजली कटौती को समाप्त करने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नई ट्रांसफॉर्मर स्थापित करने और मौजूदा नेटवर्क की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रतिबंध हटाया, जिससे स्थानीय यातायात सामान्य हो गया। अब उम्मीद है कि इस कदम से न केवल कृषि उत्पादन में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।