ड्यूप ट्रॉफी के फाइनल में इशान किषाण ने २७० रन की अद्भुत पारी खेली, जिससे न केवल उनका व्यक्तिगत रिकॉर्ड सुधरा, बल्कि टीम को निर्णायक जीत दिलाई। उन्होंने बताया कि इस पारी के पीछे उनका मुख्य मंत्र था—अधिक सोच और अपेक्षाओं को छोड़ देना, जिससे मन शांत और एकाग्र बना। इस स्पष्ट मनःस्थिति ने उन्हें हर गेंद पर पूरी तरह से केंद्रित रहने में मदद की, जिससे उन्होंने तेज़ी से स्कोर बनाते हुए विरोधी गेंदबाजों को चकित कर दिया।

किषाण ने अपने करियर की कई कठिनाइयों का उल्लेख किया, जिसमें घरेलू क्रिकेट में कई बार निराशा और राष्ट्रीय टीम में जगह पाने की लड़ाई शामिल है। अंबाती रायुडु ने पहले ही इशान को भारत की ओडीआई टीम में नंबर चार के रूप में समर्थन दिया था, और इस समर्थन ने किषाण को आत्मविश्वास से भर दिया। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि टी२० अंतरराष्ट्रीय में विश्व नंबर एक बनना उनके मनोबल को और भी ऊँचा कर गया, जिससे उन्होंने अपने खेल में नई ऊर्जा महसूस की।

इशान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय विरासत को विश्व मंच पर ले जाने की पहल ने उन्हें राष्ट्रीय गर्व की भावना से भर दिया। योगी आदित्यनाथ की इस पहल की प्रशंसा ने किषाण को अपने देश के लिए और अधिक समर्पित किया। इस प्रकार, स्पष्ट मनःस्थिति, राष्ट्रीय समर्थन और व्यक्तिगत उपलब्धियों का संगम ही इशान किषाण को इस ऐतिहासिक २७० रन की पारी तक ले गया।