मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आज त्र्यंबकेश्वर धाम ट्रस्ट (टीटीडी) और धर्म विभाग के प्रमुखों को निर्देश दिया कि पाँच हजार नए मंदिरों का निर्माण शीघ्रता से पूरा किया जाए और एक हजार प्राचीन मंदिरों की पुनर्स्थापना कार्य को त्वरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करेगा। इस दिशा में आवश्यक बजट आवंटन और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने का भी आदेश दिया गया।
नायडू ने अपने पिछले कई सार्वजनिक बयानों में नागरिक‑मित्र सेवाओं को सरल बनाने, डिजिटल तकनीक को अपनाने और किसानों को एल नीनो जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाने की प्रतिबद्धता जताई थी। इन पहलों के साथ यह मंदिर निर्माण योजना राज्य के समग्र विकास के एक नए आयाम को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि टीटीडी को आध्यात्मिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य और परोपकारी सेवाओं को भी विस्तारित करना चाहिए, जिससे सामाजिक समावेशिता बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाँच हजार मंदिरों का निर्माण स्थानीय कारीगरों और श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की आय में वृद्धि होगी। पुनर्स्थापित प्राचीन तीर्थस्थलों को संरक्षण मिलना ऐतिहासिक धरोहर को बचाने में मदद करेगा। इस प्रकार, नायडू की यह पहल उनके व्यापक विकास एजेंडा के साथ तालमेल बिठाते हुए, आंध्र प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

