कन्नगी नगर के कई निःशुल्क शिक्षा केंद्र अब बच्चों के लिए बहु-कार्यात्मक स्थल बन गए हैं। यहाँ वे न केवल पढ़ाई करते हैं, बल्कि खेल‑कूद, मित्रता और सामाजिक कौशल भी विकसित करते हैं। इस वर्ष के शिक्षक दिवस पर इन केंद्रों को विशेष सम्मान मिला, क्योंकि उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को सुरक्षित और सुदृढ़ वातावरण प्रदान किया है।
इन केंद्रों में पढ़ाई के साथ‑साथ सिलम्बम, योग और कबड्डी जैसी शारीरिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाता है। यह विविधता बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने के साथ‑साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। पिछले महीने टेलंगाना उच्च शिक्षा परिषद में हुए एबीवीपी विरोध प्रदर्शन और नागालैंड में शिक्षकों द्वारा वेतन सुधार की मांग जैसी घटनाओं के बाद, इस प्रकार के सामाजिक पहल को अधिक महत्व मिला है।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि ये केंद्र उनके बच्चों को स्कूल के बाद एक सुरक्षित आश्रयस्थल प्रदान करते हैं, जहाँ वे बिना किसी आर्थिक बोझ के सीख सकते हैं और खेल सकते हैं। इस पहल ने न केवल शैक्षणिक स्तर को ऊँचा किया है, बल्कि समुदाय में एकजुटता और सहयोग की भावना को भी प्रज्वलित किया है। भविष्य में ऐसे और केंद्र स्थापित करने की योजना है, जिससे अधिक बच्चों को समान अवसर मिल सके।
