निखिल कमाथ ने अपने ४०वें जन्मदिन पर एक विशेष संदेश दिया, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के विभिन्न चरणों को याद किया और आगे के लक्ष्य निर्धारित किए। इस अवसर पर उन्होंने अपने भाई नितिन कमाथ को धन्यवाद दिया, जिन्होंने ज़ेरोधा की शुरुआती दिनों में मीडिया का ध्यान आकर्षित किया और खाते खोलने की संख्या को दोगुना कर दिया। निखिल ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे भारतीय शेयर बाजार के लिए एक प्रेरणा है।
नितिन कमाथ ने भी इस अवसर पर अपने भाई की उपलब्धियों को सराहा और बताया कि कैसे ज़ेरोधा ने शुरुआती प्रेस कवरेज के बाद तेज़ी से विस्तार किया। उन्होंने बताया कि जब कंपनी ने पहली बार बड़े समाचार पत्रों में जगह बनाई, तो मासिक खाते खोलने की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिससे नई निवेश अवसरों का द्वार खुला। इस वृद्धि ने न केवल कंपनी को बल्कि छोटे निवेशकों को भी लाभ पहुँचाया।
पिछले कुछ हफ्तों में शेयर बाजार से जुड़ी कई खबरें सामने आई हैं, जैसे कि वैध पार्टी द्वारा राम मंदिर दान के आरोपों की जांच के लिए तेज़ी से कार्रवाई की मांग और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं में भारत की भागीदारी। इन घटनाओं ने वित्तीय और सामाजिक परिदृश्य को और जटिल बना दिया है, परंतु ज़ेरोधा जैसी कंपनियों की स्थिरता और नवाचार ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है। निखिल और नितिन दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में भी पारदर्शिता और तकनीकी उन्नति के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार को नई ऊँचाइयों तक ले जाना उनका लक्ष्य रहेगा।
