उत्ताखंड के चम्पावत जिले में स्थित हुडी नदी, पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी वर्षा के कारण जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई थी। इस कारण नदी के किनारे फँसे तीन स्थानीय यात्रियों को जल में फँसते हुए देखा गया, जिससे उन्हें तुरंत बचाव की आवश्यकता महसूस हुई। स्थानीय लोगों ने आपातकालीन कॉल करके राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को सूचना दी, जिससे बचाव कार्य की त्वरित शुरुआत हुई।

एसडीआरएफ ने अपने विशेष बचाव दल को तेज़ गति से तैनात किया और जल में फँसे लोगों तक पहुँचने के लिए मोटरबोट तथा जीवन रक्षक जैकेट जैसे आवश्यक उपकरणों का उपयोग किया। कठिन जल प्रवाह और बाढ़ की स्थिति के बावजूद, बचाव दल ने सावधानीपूर्वक संचालन कर तीनों यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। इस बचाव को पिछले कुछ हफ्तों में कोस्ट गार्ड द्वारा मंगलुरु तट पर मछुआरों की बचाव और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल द्वारा असम के डिकारी नदी से नागरिकों की बचाव जैसी सफल अभियानों के साथ जोड़ते हुए, भारत में आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ता को उजागर किया गया।

बचाए गए सभी तीन लोगों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई और उन्हें निकटवर्ती अस्पताल में ले जाया गया, जहाँ उनकी स्थिति स्थिर पाई गई। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आपदा के प्रति सतर्कता और समय पर सहायता के महत्व को दोबारा रेखांकित किया। भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए जल निकायों के निकट रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आपातकालीन संपर्क साधनों को सक्रिय रखने की सलाह दी गई। ओडिशा टीवी ने इस महत्वपूर्ण बचाव को व्यापक रूप से प्रसारित किया, जिससे जनता में जागरूकता बढ़ी।