अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में एक ट्वीट के माध्यम से कुछ स्थानीय मुद्दों को उठाया, जिस पर विपक्षी दलों ने उन्हें सार्वजनिक संपत्ति को तोड़‑फोड़ करने का आरोप लगाया। इस पर भाजपा के प्रदेश प्रमुख सुकांत मज़ुमदार ने तेज़ी से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा के सदस्य कभी भी ऐसी अनैतिक कार्रवाई नहीं करते और यह आरोप केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को इस प्रकार के भ्रामक आरोपों से बचना चाहिए।

पिछले कुछ हफ्तों में बनर्जी के करीबी सहयोगी सुमित रॉय पर धोखाधड़ी और कागज़ी जालसाजी का मामला दर्ज हुआ, तथा बनर्जी को आवाज़ नमूना देने के लिए न्यायालय ने तिथि निर्धारित की। इन घटनाओं ने बनर्जी के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को अवसर दिया, परन्तु सुकांत मज़ुमदार ने स्पष्ट किया कि इन कानूनी प्रक्रियाओं को तोड़‑फोड़ के आरोपों से जोड़ना अनुचित है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा या तोड़‑फोड़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

इस बयान ने राजनीतिक माहौल में शांति की पुकार की है और जनता से अपील की है कि वे तथ्यों के आधार पर ही राय बनाएँ। सुकांत मज़ुमदार ने यह भी कहा कि भाजपा हमेशा कानून के शासन और सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता देती है, और ऐसे निराधार आरोपों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचता है। इस प्रकार, भाजपा का यह स्पष्ट संदेश है कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा या तोड़‑फोड़ को बर्दाश्त नहीं करेगा।