ओडिशा के उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद (CHSE) ने हाल ही में अपने शैक्षणिक समिति के बैठक में दो नए व्यावसायिक विषयों को मंजूरी दी, जिससे प्लस‑दो छात्रों को स्वास्थ्य सेवा और परिधान क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलने की संभावना बन गई। यह निर्णय पहले के कई सुधारात्मक कदमों के साथ तालमेल रखता है, जैसे कि उत्तरदायित्व पुनःजाँच के आवेदन की अंतिम तिथि को जुलाई 4 तक बढ़ाना और व्यावसायिक छात्रों को बेसिक फाउंडेशन कोर्स चुनने की अधिक स्वतंत्रता देना। इन पहलों का उद्देश्य छात्रों को पारम्परिक शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है।

स्वास्थ्य सेवा पाठ्यक्रम में छात्रों को जनरल ड्यूटी असिस्टेंट प्रशिक्षु के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि परिधान पाठ्यक्रम उन्हें सहायक फैशन डिजाइनर की भूमिका के लिए तैयार करेगा। दोनों पाठ्यक्रमों का सिलेबस और शिक्षण सामग्री पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल द्वारा विकसित मानक पाठ्यक्रम पर आधारित होगी, जिसे राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने मान्यता दी है। परिषद ने इन सामग्रियों को अपने आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है, ताकि शिक्षक और छात्र दोनों ही आसानी से पहुँच सकें।

इन नई पहलों से छात्रों की रोजगार योग्यता में उल्लेखनीय वृद्धि की आशा की जा रही है, विशेषकर जब केरल में स्कूलों में प्री‑लाइसेंस प्रशिक्षण जैसी पहलें चल रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर मेडिकल शिक्षा में पीजी डिप्लोमा को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने की योजना है। व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में लाने की यह प्रवृत्ति छात्रों को स्नातक स्तर पर ही रोजगार के योग्य बनाकर आर्थिक विकास में योगदान देगी। इस प्रकार, ओडिशा की CHSE ने न केवल शैक्षणिक लचीलापन बढ़ाया है, बल्कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिये व्यावसायिक कौशल को भी प्राथमिकता दी है।