झारखंड के प्रमुख मंत्री सुधिव्य कुमार का आज गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में अचानक निधन हो गया। उनका स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने जीवनरक्षक उपाय किए, परन्तु वे 58 वर्ष की आयु में ही इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन की सूचना राज्य सरकार ने तुरंत जारी की, जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।
यह घटना राज्य में चल रहे कई सामाजिक और राजनीतिक तनावों के बीच घटित हुई। पिछले सप्ताह बरसात के कारण बाढ़ की आशंका बढ़ी थी, और इंदियन मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून के तेज़ी से आगे बढ़ने की चेतावनी जारी की थी। इसी दौरान जामशेदपुर में एक युवा कार्यकर्ता की हत्या ने राजनीतिक बहस को भड़काया, और ओडिशा में एक यूट्यूबर की किडनैप व हत्या की घटना ने सुरक्षा माहौल को और बिगाड़ा। इन सभी घटनाओं ने जनता में असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया था।
सुधिव्य कुमार के निधन पर विपक्षी दलों ने सरकार से स्पष्ट कारणों की मांग की है और कहा है कि इस मामले की पूरी जांच की जानी चाहिए। राज्य के मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया और कहा कि मंत्री की परिवार को सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। स्थानीय लोग भी अस्पताल के बाहर शोक सभा आयोजित कर रहे हैं, जहाँ कई लोग उनके कार्यों और जनता के प्रति उनके समर्पण को याद कर रहे हैं। इस दुखद घटना ने झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य को एक नई चुनौती प्रदान की है।

