मुंबई में आयोजित होने वाला यह महोत्सव विश्व के प्रमुख वित्तीय प्रौद्योगिकी मंचों में से एक माना जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के वित्तीय नियामक, स्टार्ट‑अप संस्थापक, बड़े बैंकों के अधिकारी और शैक्षणिक विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस वर्ष के महोत्सव में डिजिटल भुगतान, ब्लॉकचेन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सतत वित्तीय समाधान जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले कुछ महीनों में दक्षिण वैश्विक दक्षिण के साथ ऊर्जा, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने की कई पहलें की हैं। ब्रिक्स २०२६ ऊर्जा एजेंडा में भारत ने वैश्विक दक्षिण को केंद्र में रखकर सुरक्षित, लचीला और सतत ऊर्जा भविष्य का विज़न प्रस्तुत किया था, जिसे इस महोत्सव में भी प्रमुखता दी जाएगी। इस संदर्भ में, मोदी ने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी के माध्यम से विकासशील देशों को सशक्त बनाना भारत की प्राथमिकता है।
इस महोत्सव के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री के साथ जापान के प्रधान मंत्री साने ताकाइची भी उपस्थित रहेंगे, जो पिछले वर्ष मारुति सुजुकी सुविधा के उद्घाटन में साथ थे। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और तकनीकी साझेदारी को और गहरा करने के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महोत्सव के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ भारत के स्टार्ट‑अप्स को निवेश के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊर्जा मिलेगी।
