कांगो के पूर्वी प्रांत बुनिया में स्थित स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को बताया कि इबोला महामारी ने अब तक छह हजार एक सौ छियासी पुष्टि किए गए मामलों में से तीन हजार दो सौ पचास से अधिक लोगों की जान ले ली है। रोग का प्रसार तेज़ी से हो रहा है, जिससे रोगी पहचान, संपर्क ट्रेसिंग और उपचार में बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की कमी और सीमित संसाधन इस संकट को और जटिल बना रहे हैं।
इबोला के तेज़ी से फैलने के बावजूद, कांगो की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने हाल ही में विश्व कप के समूह के अंतिम मुकाबले में उज्ज्वल प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने उज्बेकिस्तान को तीन-एक से हराकर नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। यह खेल सफलता देश के लोगों को थोड़ी राहत देती है, परन्तु महामारी की गंभीरता को कम नहीं करती। खेल के मैदान में जीत और स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर बढ़ती मौतें दो विपरीत वास्तविकताएँ प्रस्तुत करती हैं।
सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों के सहयोग से टीकाकरण, परीक्षण और उपचार केंद्रों की संख्या बढ़ाने का संकल्प लिया है। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को रोग के लक्षणों और रोकथाम के उपायों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि त्वरित और समन्वित कदम नहीं उठाए गए तो यह महामारी और अधिक विनाशकारी रूप ले सकती है।
