बेंगलुरु के केआर बाजार में अब एक नई डिजिटल टोल प्रणाली लागू की जा रही है, जिसमें माल ले जाने वाले प्रत्येक वाहन को निश्चित प्रवेश शुल्क देना अनिवार्य होगा। बाजार में प्रवेश करने वाले व्यापारी अपने लाए हुए सामान की मात्रा के अनुसार अलग‑अलग शुल्क का भुगतान करेंगे, जिससे राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आएगी। यह प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के माध्यम से संचालित होगी, जिससे नकद लेन‑देन की आवश्यकता घटेगी और समय की बचत होगी।
कर्नाटक सरकार ने हाल ही में मेहकरी‑हेब्बल ट्विन टनल को टोल‑मुक्त करके शहर के ट्रैफ़िक को सुगम बनाने की पहल की थी, जिससे डिजिटल एवं बुनियादी ढाँचे में सुधार की दिशा स्पष्ट हुई। इसी क्रम में स्किल इंडिया डिजिटल हब ने जम्मू‑कश्मीर में डिजिटल कौशल के प्रसार को बढ़ावा दिया, जिससे राज्य स्तर पर डिजिटल समाधान अपनाने की प्रवृत्ति स्पष्ट है। इन पूर्व घटनाओं ने बेंगलुरु में केआर बाजार की नई टोल प्रणाली को एक समग्र डिजिटल परिवर्तन के हिस्से के रूप में स्थापित किया है।
टोल चोरी पर कड़ी सज़ा निर्धारित की गई है; उल्लंघन करने वाले वाहनों को भारी जुर्माना और संभावित लाइसेंस रद्दी का सामना करना पड़ेगा। यह कदम न केवल राजस्व को सुरक्षित करेगा, बल्कि बाजार में अनुशासन और सुरक्षा को भी बढ़ाएगा। भविष्य में इस प्रणाली को अन्य प्रमुख बाजारों में भी विस्तारित करने की योजना है, जिससे पूरे राज्य में डिजिटल भुगतान का व्यापक उपयोग सुनिश्चित हो सके।

