विदेश मंत्री हुमायूँ कबीर ने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के लिये अभी तक कोई निश्चित तिथि तय नहीं हुई है, परन्तु दोनों देशों के नेताओं के समय और पारस्परिक सम्मान के आधार पर उपयुक्त समय पर यात्रा निश्चित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के कई क्षेत्रों में सकारात्मक प्रवाह जारी है।
पिछले कुछ हफ्तों में बांग्लादेश ने भारत के साथ क्रिकेट सफेद गेंद दौरे को लेकर आशावाद व्यक्त किया, जिससे खेल के माध्यम से दोनो राष्ट्रों के बीच मित्रता को बढ़ावा मिला। वहीं, आर्थिक क्षेत्र में बांग्लादेश ने चीन को मोन्गला पोर्ट के निकट स्थित रणनीतिक आर्थिक क्षेत्र के विकास का कार्य सौंपा, जिससे भारत के आर्थिक प्रभाव में कमी आई। इसके अतिरिक्त, बांग्लादेश ने अवामी लीग की वर्षगांठ से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सतर्कता बढ़ा रखी है, जिससे दोनों देशों को सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने की आवश्यकता महसूस हुई।
प्रधानमंत्री की इस संभावित यात्रा से व्यापार, ऊर्जा, जल संसाधन और सांस्कृतिक आदान‑प्रदान जैसे कई क्षेत्रों में नई संभावनाएँ उत्पन्न होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यात्रा सफल रही तो बांग्लादेश-भारत संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाया जा सकता है, जबकि क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा। इस प्रकार, दोनों देशों के बीच पारस्परिक सम्मान और सहयोग की भावना इस यात्रा को सफल बनाने की कुंजी होगी।

