विजयपुर के वेलम्पेटा में स्थित १७७ परिवारों को उनके झुग्गियों के स्थान पर नई इमारतों में फ्लैट प्रदान करने की योजना का आधारशिला रखी गई। इस परियोजना को राज्य के प्रथम इन‑सिटु झुग्गी पुनर्विकास के रूप में चिह्नित किया गया है, जिसमें शियर‑वॉल तकनीक का उपयोग कर नौ महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल के तहत प्रत्येक परिवार को तीन हजार रुपये मासिक किराया सहायता दी जाएगी, जिससे वे अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था में सहजता महसूस करेंगे।
पिछले कुछ महीनों में झुग्गी हटाने के विरोध में कई विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें कांग्रेस सरकार के खिलाफ हनमकोण्डा में बड़े पैमाने पर रैली भी शामिल थी। उन घटनाओं ने सामाजिक असंतोष को उजागर किया, जिससे सरकार को पुनर्वास के लिए अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत उपाय अपनाने की आवश्यकता महसूस हुई। इस नई योजना को इन विरोधों के जवाब में तैयार किया गया है, जिससे प्रभावित परिवारों को स्थायी और सुरक्षित आवास मिल सके।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने भी घर खरीदारों को देरी से कब्जा मिलने पर मुआवजा पाने का अधिकार दिया है, जिससे सरकारी आवासीय परियोजनाओं में समयबद्धता का महत्व और स्पष्ट हुआ। इसी संदर्भ में विजयनगर में इस पुनर्विकास को तेज़ी से पूरा करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है। इस योजना के सफल कार्यान्वयन से न केवल झुग्गी रहवासियों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि शहर के समग्र शहरी विकास में भी सकारात्मक योगदान मिलेगा।

