अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने इस सप्ताह जारी रिपोर्ट में बताया कि उत्तरी कोरिया ने यॉन्गब्योन के मुख्य परिसर में एक नई यूरेनियम समृद्धि सुविधा का निर्माण किया है, जिसमें अट्ठाईस तक सेंट्रीफ्यूज श्रृंखलाएँ स्थापित की जा सकती हैं। यह सुविधा हथियार‑ग्रेड यूरेनियम को समृद्ध करने में सक्षम है, जिससे देश के परमाणु शस्त्रागार का विस्तार संभव हो रहा है। किम जोंग‑उन ने पहले भी अपने देश को विश्व‑स्तर पर परमाणु शक्ति बनाने की इच्छा व्यक्त की थी, और इस नई सुविधा को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

नई सुविधा के निर्माण से क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि की आशंका बढ़ी है। दक्षिण कोरिया, संयुक्त राज्य और जापान ने इस कदम को अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताया है और कड़ी प्रतिबंधों की मांग की है। किम जोंग‑उन ने अपने देश को ‘परमाणु राज्य’ के रूप में स्थापित करने को ही एकमात्र सुरक्षा उपाय कहा था, परन्तु इस प्रकार की प्रगति से वैश्विक निरस्त्रीकरण प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

आईएईए ने इस विकास पर तुरंत निरीक्षण करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने कूटनीतिक संवाद को पुनः सक्रिय करने और उत्तरी कोरिया को अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए वार्ता की दिशा में ले जाने का आह्वान किया है। इस बीच, चीन से शरण लेकर दक्षिण कोरिया पहुँचे एक विरोधी के कनाडा में प्रवास की खबर भी क्षेत्रीय राजनीति में नई जटिलताएँ जोड़ रही है, जिससे इस मुद्दे पर वैश्विक ध्यान और बढ़ रहा है।