ऑस्ट्रेलिया के वित्त मंत्री एंगस टेलेर ने राष्ट्रवादी पार्टी के सहयोगी मैट कैनावन के साथ मिलकर सिगरेट पर कर में ८० प्रतिशत की कटौती का प्रस्ताव रखा। इस योजना के तहत वैप और निकोटिन पॉकेट्स को वैध कर नियमन के तहत लाया जाएगा, जिससे तंबाकू उत्पादों की कीमतें घटकर अवैध बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की संभावना बढ़ेगी। यह घोषणा एक वर्ष पूर्व नागालैंड सरकार द्वारा सभी तंबाकू और निकोटिन उत्पादों पर एक साल का प्रतिबंध लगाने के बाद आई, जिसे कई विशेषज्ञों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक कदम माना था।

हालांकि, ऑस्ट्रेलियन मेडिकल एसोसिएशन, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और लेबर पार्टी ने इस प्रस्ताव को कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कर में इतनी बड़ी कटौती से धूम्रपान की दर में वृद्धि होगी और अवैध तंबाकू व्यापार को नियंत्रित करने के बजाय इसे और बढ़ावा मिलेगा। यह बात जम्मू और कश्मीर में हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट से भी मेल खाती है, जिसमें बताया गया कि लगभग एक चौथाई वयस्क जनसंख्या तंबाकू का सेवन करती है, जिससे जनस्वास्थ्य पर बड़ा बोझ बन रहा है।

नागालैंड में हाल ही में हाई कोर्ट ने एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया को बहाल किया, जिससे तंबाकू नियंत्रण विभाग की कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद है। लेकिन तंबाकू पर कर में ८० प्रतिशत की कटौती से इस सुधार को नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू नियंत्रण के लिए कर वृद्धि, जागरूकता अभियान और कड़ी प्रवर्तन नीतियों की आवश्यकता है, न कि कर में भारी कटौती। इस प्रकार, प्रस्तावित नीति को पुनः विचार करना आवश्यक है, ताकि जनस्वास्थ्य को नुकसान न पहुँचे।