दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आज कैबिनेट में प्रस्तुत आसान व्यापार विधेयक को मंजूरी दी, जिसमें तीन वर्षों तक नियमित जांच को रोकने की व्यवस्था शामिल है। यह निर्णय पिछले सप्ताह जम्मू‑कश्मीर में सामाजिक कल्याण विभाग के मसौदे को स्वीकृति मिलने के बाद आया, जहाँ भी भरोसे पर आधारित निरीक्षण तंत्र को अपनाया गया था। विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्त कर, तेज़ी से अनुमोदन प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

विधेयक में प्रस्तावित एकल-खिड़की प्रणाली सभी अनुमतियों और एनओसी को एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगी, जिससे उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया सरल होगी। यह प्रणाली भव्य भविष्य पेंशन प्रसंस्करण मंच की सफलता से प्रेरित है, जिसने पेंशनधारकों के जीवन को सहज बनाया था। साथ ही, D&M बिजनेस कंसल्टेंसी की हालिया पुरस्कार जीत ने यह सिद्ध किया है कि नवाचारी दृष्टिकोण से छोटे और मध्यम उद्यमों को सशक्त किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस विधेयक से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और दिल्ली में नई कंपनियों की स्थापना में वृद्धि होगी। हालांकि, कुछ व्यापारियों ने नियमित निरीक्षण के अभाव में गुणवत्ता नियंत्रण के मुद्दे उठाए हैं, जिन्हें भविष्य में संतुलित करने की आवश्यकता होगी। सरकार ने कहा है कि तीन साल के बाद पुनः मूल्यांकन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार सुधार किए जाएंगे।