तमिलनाडु के टीवीके क्षेत्र के विधायक कनिमोझी संतोष ने हाल ही में एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पहले मुख्यमंत्री विजय को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया और 2029 में वह उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुँचाने में मदद करेंगे। यह टिप्पणी कांग्रेस के भीतर चल रहे आंतरिक संघर्ष और राहुल गांधी द्वारा केंद्र सरकार की विदेश नीति पर की गई तीखी आलोचना के बाद आई है, जैसा कि 27 जून को राहुल गांधी ने 'गाज़ा पर नैतिक स्पष्टता' के संदर्भ में कहा था।

विधानसभा में इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरम कर दिया, क्योंकि भाजपा ने पहले ही 21 जून को कहा था कि राहुल गांधी कांग्रेस के भीतर समर्थन खो रहे हैं और शशि थरूर के मोदी के प्रति प्रशंसा को लेकर उन्होंने इस बात को उजागर किया था। कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान केवल भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है और किसी भी प्रकार की गठबंधन की पुष्टि नहीं है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि 2029 के आम चुनावों में कांग्रेस और तमिलनाडु की स्थानीय पार्टियों के बीच समझौता हो जाता है, तो राहुल गांधी की भूमिका निर्णायक हो सकती है। यह संभावना तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकती है और राष्ट्रीय स्तर पर भी नई गठबंधन की संभावनाएँ उत्पन्न कर सकती है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस बयान को राजनीतिक हड़ताल के रूप में खारिज किया है और जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।