बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज अपने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने 'जाँच एवं उपचार – चिकित्सा आपके द्वार' अभियान का शुभारम्भ किया, जिसमें 38 जिलों में मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों और जागरूकता गाड़ियों को तैनात किया जाएगा। इस अभियान के तहत 30 नवंबर तक कुल 6 करोड़ लोगों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी, जिससे रोगों की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने में मदद करेगी।

सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 135वें 'मन की बात' कार्यक्रम को भी सुना, जिसमें स्वास्थ्य, स्वच्छता और राष्ट्रीय एकता के विषयों पर प्रकाश डाला गया था। पिछले कई महीनों में मुख्यमंत्री ने विभिन्न मंचों पर स्वास्थ्य सुधार के महत्व पर बल दिया था, और इस बार उन्होंने अपने श्रोताओं को इस नई योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' में बताए गए विचारों को वास्तविक कार्यों में बदलना सरकार की प्राथमिकता है।

इस अभियान के कार्यान्वयन में राज्य स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग रहेगा। मोबाइल इकाइयों में आधुनिक जांच उपकरण और अनुभवी चिकित्सक होंगे, जो गांव-गांव जाकर रक्तचाप, शुगर, कोलेस्ट्रॉल आदि की जांच करेंगे। साथ ही, उपचार की आवश्यकता वाले रोगियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया जाएगा। इस पहल से न केवल बीमारियों की रोकथाम होगी, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ेगी, जिससे बिहार के जनस्वास्थ्य में दीर्घकालिक सुधार की उम्मीद है।