सेल्म में वंदे भारत एक्सप्रेस के मार्ग पर दो व्यक्तियों को खाली शराब की बोतल ट्रैक पर फेंकते हुए पकड़ा गया और तुरंत रेलवे पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बोतल को ट्रेन के चलने के बाद ट्रैक पर फेंका, जिससे बोतल तेज़ी से चलती ट्रेन द्वारा खिड़की की ओर उछल गई और यात्रियों में हड़कंप मचा। इस प्रकार की असावधानीपूर्ण हरकतें न केवल यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि रेल संचालन में भी बाधा उत्पन्न करती हैं।
यह घटना पिछले कुछ हफ्तों में शराब से जुड़ी कई घटनाओं के बाद सामने आई। बड़गढ़ जिले में किसान ने विष की बोतल लेकर विरोध किया था, जबकि काचेगुड़ा स्टेशन पर एक्साइट अधिकारी ने रक्षा शराब की १३ बोतलों की जब्ती की थी। इसके अतिरिक्त, गोवा में शराब के लिए जमा रिफंड योजना का कार्यान्वयन भी हो रहा है, जिससे शराब की बिक्री और उपभोग पर नई नीतियों का प्रभाव दिख रहा है। इन सभी घटनाओं ने शराब संबंधी सुरक्षा और नियमन पर चर्चा को तीव्र किया है।
रेलवे सुरक्षा के विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यात्रियों और जनता को जागरूक करना आवश्यक है। ट्रैक पर किसी भी वस्तु को फेंकना गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा दी जानी चाहिए। साथ ही, रेलवे विभाग को निगरानी कैमरों और सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस प्रकार, इस घटना ने सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को उजागर किया है।

