जनवरी चार को ग्रेनेडा के एक आवासीय संपत्ति में ब्रिटिश पिता एंड्र्यू फ्रेडरिक की लाश मिली, जो उस समय वह वहीं रह रहे थे। उनके परिवार ने तुरंत स्थानीय पुलिस को लिखित अनुरोध भेजा, जिसमें यूनाइटेड किंगडम के जांच अधिकारियों के साथ सहयोग करने की मांग की गई, ताकि मृत्यु के कारणों की पूरी सच्चाई सामने आ सके। परिवार का कहना है कि इस मामले में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है, क्योंकि मृत्युदंड को हत्या के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

निजी रोगविज्ञानी द्वारा किए गए शरीर परीक्षण ने स्पष्ट किया कि 47 वर्ष के एंड्र्यू फ्रेडरिक की मृत्यु एक हिंसक कृत्य के परिणामस्वरूप हुई थी। यह घटना विदेश में भारतीय नागरिकों और अन्य विदेशियों की असामान्य मौतों की श्रृंखला में एक नई कड़ी जोड़ती है, जैसे कि टेलंगाना के छात्र की लंदन में रहस्यमयी मृत्यु, पुरी में एक युवा नर्तकी की होटल के स्विमिंग पूल में मृत पाई जाना, तथा असम में महिला पुलिस कांस्टेबल की किराए के मकान में मृत्यु। इन सभी मामलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच की पारदर्शिता और सहयोग की आवश्यकता को उजागर किया है।

परिवार ने ग्रेनेडा की पुलिस से आग्रह किया है कि वे ब्रिटेन के जांच एजेंसियों के साथ मिलकर साक्ष्य एकत्र करें, गवाहों की पहचान करें और संभावित अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थानीय प्राधिकरण इस सहयोग में देरी या अनिच्छा दिखाते हैं, तो वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और मीडिया से मदद लेने पर विचार करेंगे। इस प्रकार की त्वरित और निष्पक्ष जांच न केवल मृतक के परिवार को शांति प्रदान करेगी, बल्कि ग्रेनेडा की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी सुदृढ़ करेगी।