जैफ़्री एपस्टीन के यौन शोषण के मामलों में कई बचे हुए लोग अब अरबपति लेन ब्लैक पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने हाउस निरीक्षण समिति को लिखे पत्र में ब्लैक को समन का पालन करने और अपने संबंधों को स्पष्ट करने का आग्रह किया है, क्योंकि ब्लैक को एपस्टीन के वित्तीय लेन‑देनों में गहरा संबंध बताया गया है। इस मांग के पीछे यह आशा है कि कांग्रेस की सुनवाई से इस विवादित वित्तीय नेटवर्क की सच्चाई सामने आएगी।

पिछले कुछ हफ्तों में एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ों के प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक विवाद तेज़ हो गया है। 'जेन डो 4' फाइलों की संभाल में सरकार की लापरवाही और पीड़ितों को प्रतिशोध का डर दोनों ही समाचारों में प्रमुखता से उभरे हैं। इसी संदर्भ में, कई बचे हुए लोगों ने कहा है कि यदि ब्लैक सहयोग नहीं करेगा तो न्याय प्रक्रिया में और अधिक अड़चनें आएँगी।

एपस्टीन के मामलों में अन्य कई सामाजिक संघर्ष भी चल रहे हैं, जैसे कि क्रिश्चियन ब्रदर्स के शोषण के शिकारों को न्याय दिलाने के लिए अदालत के बाहर एक अलग योजना बनाने की कोशिश। इन सभी घटनाओं ने सार्वजनिक चेतना को जागरूक किया है और यह स्पष्ट किया है कि वित्तीय शक्ति और राजनीतिक प्रभाव के बीच के संबंधों को पारदर्शी बनाना आवश्यक है। इस कारण बचे हुए लोग ब्लैक से आशा रखते हैं कि वह कांग्रेस के समन का सम्मान कर न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।