बार्कलेज़ बैंक पर बांग्लादेश के सुन्दरबन के निकट स्थित रम्पाल कोयला विद्युत् संयंत्र को वित्तीय समर्थन देने का आरोप लगा है। तीन स्थानीय नागरिकों ने यूनाइटेड किंगडम के जिम्मेदार व्यापार आचरण कार्यालय में शिकायत दर्ज कर इस बात को उजागर किया कि बैंक ने मैत्री सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट को अंडरराइट करके अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन किया है। सुन्दरबन, जो विश्व की सबसे बड़ी मैंग्रोव वन है, में इस प्रकार की प्रदूषण और जलवायु जोखिम से जैव विविधता और लाखों लोगों की जीवनशैली खतरे में पड़ सकती है।

शिकायत में कहा गया है कि रम्पाल विद्युत् संयंत्र से निकलने वाले भारी कार्बन उत्सर्जन और जल प्रदूषण से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ रहा है, जिससे मछली पकड़ने वाले और कृषि समुदायों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार, वित्तीय संस्थानों को ऐसे प्रोजेक्ट्स को समर्थन देने से पहले पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन करना अनिवार्य है, परंतु बार्कलेज़ ने इस प्रक्रिया को नजरअंदाज किया है। इस कारण से बैंक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रश्न का सामना करना पड़ रहा है।

यह मामला भारत में हाल ही में कई राजनैतिक व्यक्तियों के खिलाफ दायर की गई शिकायतों के समान है, जहाँ ट्रिनामूल कांग्रेस के विधायक और पूर्व बंगाल मंत्री पर भी भ्रष्टाचार और संपत्ति छिपाने के आरोप लगे हैं। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि वित्तीय और राजनीतिक संस्थानों पर पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग बढ़ रही है। यदि बार्कलेज़ को इस शिकायत में दोषी पाया जाता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय नियामक निकायों द्वारा दंडित किया जा सकता है और भविष्य में सतत ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश करने के लिए कड़े मानदंड अपनाने पड़ सकते हैं।