आंध्र प्रदेश के मारकपुरम जिले में स्थित वेलिगोंडा परियोजना के फीडर नहर में दो युवा अभिभावकों की अनजाने में लापता हो जाने की खबर ने राज्य के उच्चस्तरीय अधिकारियों को चिंतित कर दिया। मंत्री निम्मला रामनायडु और गोट्टिपति रवि ने तुरंत आदेश जारी किया कि नहर के आसपास की सभी जगहों पर खोज कार्य को तीव्र किया जाए और लापता युवाओं को सुरक्षित रूप से वापस लाया जाए। इस दिशा में ड्रोन का उपयोग कर विस्तृत क्षेत्र की निगरानी की जा रही है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
यह कार्रवाई सरकार के युवा सशक्तिकरण के व्यापक कार्यक्रम के साथ संगत है, जिसमें पिछले महीनों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के कई कदम उठाए गए थे। मंत्री साकीना इटू ने भी युवा वर्ग के लिए निरंतर अवसर सृजन की बात कही थी, और इस प्रकार की खोज कार्य में स्थानीय युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही, जंडू और कश्मीर में नशा मुक्त युवा राजदूतों की पहल को देखते हुए, इस खोज में भी युवा वर्ग को अग्रणी भूमिका निभाने के लिए कहा गया है।
समुदाय के सहयोग से ही इस प्रकार की आपदा को रोका जा सकता है। स्थानीय निवासियों को अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें और खोज कार्य में सहयोग करें। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नहर सुरक्षा मानकों को कड़ा किया जाएगा और युवा वर्ग के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।

