उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर ट्रस्ट की रक्षा करते हुए कहा कि लगभग 150 कर्मचारियों में से केवल आठ व्यक्तियों को दोषी पाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और सीआईटी ने अविनाश शुक्ला को 40 दिनों के चोरी के गिरोह में मुख्य आरोपी के रूप में पहचाना है। योगी ने कहा कि ट्रस्ट के अधिकांश कर्मचारी ईमानदार और निष्पक्ष हैं और उन्हें किसी भी तरह के आरोपों से मुक्ति मिलेगी।

इस मामले में सीआईटी ने 40 दिनों के दौरान ट्रस्ट से लगभग 3.5 करोड़ रुपये की चोरी का आरोप लगाया है। सीआईटी ने कहा कि अविनाश शुक्ला ने ट्रस्ट के अधिकारियों को धमकी दी थी और उन्हें अपने विरोध के लिए मजबूर किया था। सीआईटी ने अविनाश शुक्ला को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को निर्देश दिया है और उन्हें अदालत में पेश करने के लिए कहा है।

योगी ने कहा कि ट्रस्ट के अधिकारी और कर्मचारी ईमानदार और निष्पक्ष हैं और उन्हें किसी भी तरह के आरोपों से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के अधिकारियों को अपने कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उन्हें उचित कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।