भारत सरकार ने GIFT शहर में स्थित अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र इकाइयों को विदेशी जहाजों के किराए पर लेने के लिए डीजीएमए लाइसेंस प्राप्त करने से मुक्त कर दिया है। यह कदम कोस्टल शिपिंग एक्ट, 2025 के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य जहाजों के किराए पर लेने को आसान बनाना और भारत के समुद्री और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
यह निर्णय भारत के समुद्री और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे जहाजों के किराए पर लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी और भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र को मजबूत करने में योगदान करेगी। इससे न केवल भारतीय नौवहन क्षेत्र को बल्कि पूरे देश को भी लाभ होगा।
यह निर्णय भारत सरकार की ओर से अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को दिखाता है। इससे भारत को वैश्विक वित्तीय मंच पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद मिलेगी।

