भारतीय बैंक ने अपनी पूंजी बढ़ाने की योजना को रद्द कर दिया है। बैंक के अपेक्षित क्रेडिट हानि प्रभाव का अनुमान अब पिछले अनुमान से कम हो गया है। इस पुनः गणना के कारण बैंक को अतिरिक्त पूंजी बढ़ाने की आवश्यकता नहीं होगी। बैंक का नेट प्रॉफिट वित्तीय वर्ष के पहले तिमाही में दस प्रतिशत साल-दर-साल में बढ़ गया है। ग्रॉस एडवांस और जमा भी साल-दर-साल में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। भारतीय बैंक की पूंजी बढ़ाने की योजना को रद्द करने के पीछे के कारणों को समझने के लिए, हमें बैंक के वित्तीय परिणामों को देखना होगा। बैंक का नेट प्रॉफिट वित्तीय वर्ष के पहले तिमाही में दस प्रतिशत साल-दर-साल में बढ़ गया है, जो एक अच्छा संकेत है। ग्रॉस एडवांस और जमा भी साल-दर-साल में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है, जो बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाता है।