भारत की अमेरिकी ट्रेजरी में जमा राशि अप्रैल में 181 अरब डॉलर तक गिर गई। यह कमी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी संपत्ति विविधीकरण की रणनीतिक शिफ्ट का प्रतिबिंब है। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने सोने के भंडार को 881 मीट्रिक टन तक बढ़ाया है, जो एक स्थिर आरक्षित संपत्ति है जो राजनीतिक तनावों से प्रभावित नहीं होती है।
यह कदम वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप है जिसमें केंद्रीय बैंक कीमती धातुओं का संचयन कर रहे हैं। सोना एक ऐसी संपत्ति है जो अपने मूल्य में स्थिर रहती है और इसका मूल्य समय के साथ नहीं बदलता है। इसके अलावा, सोना एक ऐसी संपत्ति है जो राजनीतिक तनावों से प्रभावित नहीं होती है, जिससे यह एक स्थिर आरक्षित संपत्ति बन जाती है।
भारतीय रिजर्व बैंक की इस रणनीतिक शिफ्ट से देश के विदेशी मुद्रा भंडार में विविधीकरण बढ़ेगा और देश की आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह कदम भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगा।
