नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा ईरान पर नए सैन्य हमले किए जाने के बाद वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। इस घटनाक्रम का असर एशियाई शेयर बाजारों पर देखने को मिला, जहां अधिकांश प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। मध्य पूर्व में किसी भी बड़े संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है, जिसके चलते तेल की कीमतों में तेजी आई है।
दूसरी ओर, तकनीकी (टेक) शेयरों में एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। इसके कारण अमेरिकी वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स और एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल बना रहा। निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाते हुए सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
हाल ही में जारी अमेरिकी मुद्रास्फीति (Inflation) के अपेक्षाकृत नरम आंकड़ों के बावजूद बाजार की चिंता कम नहीं हुई है। निवेशकों को आशंका है कि तेल की बढ़ती कीमतें भविष्य में महंगाई को फिर बढ़ा सकती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आवश्यकता पड़ सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर रहेगी।