नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बुनियादी सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में हाल ही में हुई एक दुखद घटना के बाद दिल्ली शिक्षा विभाग (DoE) को स्कूल के टेकओवर का नोटिस जारी करना पड़ा। मामले की जांच में सामने आया कि संवेदनशील और क्रिटिकल जगहों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे तक नहीं लगे थे, जो बच्चों की सुरक्षा के नियमों का सीधा उल्लंघन है।

इस घटना ने दिल्ली सरकार के उन बड़े-बड़े दावों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है, जिसमें दिल्ली के स्कूलों को 'वर्ल्ड क्लास' और अत्यधिक सुरक्षित बताया जाता रहा है। नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार जमीनी हकीकत को सुधारने के बजाय केवल कागजी और सोशल मीडिया पर प्रचार करने में व्यस्त है। जनता का आरोप है कि प्रशासन केवल हादसे होने के बाद जागता है, जबकि बुनियादी ढांचे की सुध लेने वाला कोई नहीं है।