मद्रास उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें विजय और टीवीके पर पीड़ित परिवारों को नौकरी देने से रोकने और सीबीआई को यह जांचने का निर्देश देने की मांग की गई थी कि ऐसी नियुक्तियां जांच की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती हैं।
इस मामले में न्यायालय ने यह भी कहा कि नौकरी देने से पहले जांच पूरी होनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियुक्तियां निष्पक्ष हैं। न्यायालय ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों को नौकरी देने के लिए सरकार को एक नीति बनानी चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियुक्तियां निष्पक्ष और पारदर्शी हों।
इस फैसले के बाद, विजय और टीवीके पर पीड़ित परिवारों को नौकरी देने के मामले में नए सिरे से विचार किया जाएगा। न्यायालय के इस फैसले से यह सुनिश्चित होगा कि नौकरी देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करते हुए, पीड़ित परिवारों के वकील ने कहा कि यह फैसला न्याय की जीत है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के इस फैसले से यह सुनिश्चित होगा कि पीड़ित परिवारों को नौकरी देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।

