भारत सरकार ने पश्चिमी घाट के तीन राज्यों को जलवायु संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की योजना पर विचार किया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु को शामिल किया जाना था, लेकिन केरल और कर्नाटक इस योजना से सहमत नहीं हैं।
इस प्रस्ताव को लेकर कई विशेषज्ञों ने अपनी राय दी है। उनका कहना है कि पश्चिमी घाट के तीन राज्यों को जलवायु संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने से यह क्षेत्र अधिक सुरक्षित होगा। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि यह प्रस्ताव बहुत ज्यादा कठोर है और इससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो सकती है।
इस प्रस्ताव को लेकर सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन यह स्पष्ट है कि पश्चिमी घाट के तीन राज्यों को जलवायु संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
