पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज की बहाली की मांग की गई है। यह फिल्म एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डिजिटल रिलीज के कुछ दिनों बाद ही हटा दी गई थी। यह फिल्म कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के प्रयासों पर आधारित है, जिन्होंने कथित गुमशुदगी के मामलों का पर्दाफाश करने का प्रयास किया था।
याचिका में कहा गया है कि फिल्म को हटाने से जनता को सच्चाई का पता लगाने से वंचित किया गया है। यह फिल्म एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर आधारित है, जो समाज को प्रभावित करता है। याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह फिल्म की बहाली का आदेश दे।
यह फिल्म पंजाब के एक महत्वपूर्ण इतिहास का हिस्सा है, जो लोगों को जागरूक करने में मदद कर सकती है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म को हटाने से इतिहास को दबाने का प्रयास किया गया है। यह फिल्म एक सच्ची कहानी पर आधारित है, जो लोगों को प्रेरित कर सकती है।
याचिका के अनुसार, फिल्म को हटाने से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला किया गया है। यह फिल्म एक कलात्मक अभिव्यक्ति है, जो लोगों को विचार करने के लिए प्रेरित करती है। याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह फिल्म की बहाली का आदेश दे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करे।
