वेलिंगटन, 9 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा इस सप्ताह, 40 वर्षों में पहली बार एक भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा है, जो द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह यात्रा राजनीतिक और सामाजिक तनाव के बीच हुई है। जबकि अधिकांश विशेषज्ञों ने इस यात्रा को एक अवसर के रूप में देखा है जो एक लंबे समय से विकसित न होने वाले संबंधों को बढ़ावा देने का है, कई ने चिंताओं को उजागर किया है।
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए हमारे दोनों देशों के बीच एक मजबूत साझेदारी है।' उन्होंने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारे दोनों देशों के बीच एक मजबूत साझेदारी है, जो हमारे दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगी।'
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री निकी केरे ने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारे दोनों देशों के बीच एक मजबूत साझेदारी है, जो हमारे दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगी।' उन्होंने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारे दोनों देशों के बीच एक मजबूत साझेदारी है, जो हमारे दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगी।'
