राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के ताज़ा आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि देश में महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुई हैं, लेकिन घरेलू हिंसा का मुद्दा अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सर्वेक्षण के अनुसार, 22.3% महिलाएं अपने पतियों से पिट रही हैं। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि尽管 महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति कर रही हैं, लेकिन घरेलू हिंसा के मुद्दे पर अभी भी बहुत काम करने की आवश्यकता है। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार और सामाजिक संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बावजूद, घरेलू हिंसा का साया अभी भी महिलाओं के जीवन पर मंडरा रहा है। यह आवश्यक है कि हम इस मुद्दे पर ध्यान दें और घरेलू हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए ठोस कदम उठाएं। स्रोत: Prabhat Khabar
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महिला सशक्तिकरण: आर्थिक और सामाजिक प्रगति के बावजूद घरेलू हिंसा का साया

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