कांग्रेस सांसद मनीष तेवरी ने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत शुरू करने के आह्वान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि दशकों के शांति प्रयासों का जवाब आतंकवादी हमलों ने दिया है। उन्होंने कहा है कि बातचीत तब तक शुरू नहीं हो सकती जब तक पाकिस्तान आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने का प्रमाण नहीं देता।
मनीष तेवरी ने कहा है कि पाकिस्तान ने भारत के साथ बातचीत के लिए कई बार सहमति जताई है, लेकिन आतंकवादी हमलों के बाद भी वह अपने वादे पर खरे नहीं उतरे हैं। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान को आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के लिए एक स्पष्ट योजना बनानी होगी और उसका पालन करना होगा।
उन्होंने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के लिए एक सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान को आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी और उनके समर्थकों को सजा देनी होगी।

