शिलॉन्ग में एक दुखद घटना में दो भाइयों ने मजदूरों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी। यह घटना शुक्रवार शाम को हुई जब मजदूरों ने मदद के लिए पुकार लगाई थी। सुनील ठकुरी (34) और उमेश ठकुरी (30) ने बिना किसी हिचकिचाहट के कुएं में उतरकर मजदूरों को बचाने की कोशिश की।

यह घटना डोंगमडन लेन 4, लापालंग में हुई। जब मजदूरों ने मदद के लिए पुकार लगाई, तो दोनों भाइयों ने तुरंत कुएं में उतरने का फैसला किया। उन्हें पता नहीं था कि कुएं में कितना पानी भर गया है और वहां क्या खतरा है। उन्होंने सिर्फ मजदूरों को बचाने के बारे में सोचा और अपनी जान जोखिम में डाल दी।

दोनों भाइयों की बहादुरी और निस्वार्थता की यह कहानी पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है। लोग उनकी बहादुरी की प्रशंसा कर रहे हैं और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि जीवन में कुछ ऐसे पल आते हैं जब हमें दूसरों की मदद के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ सकती है।

इस घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन ने कुएं की जांच के आदेश दिए हैं और मजदूरों के परिवारों को सहायता प्रदान करने का वादा किया है। यह घटना हमें यह भी याद दिलाती है कि हमें अपने आसपास के लोगों की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए और जरूरत पड़ने पर अपनी जान जोखिम में डालने से नहीं हिचकिचाना चाहिए।