जयपुर के दंपत्ति ने NDTV से बातचीत में बताया कि हाल के फुटेज में उनकी बेटी के अंतिम घंटों का विस्तृत विवरण है, जिसमें उन्होंने बुलिंग की घटना, मदद के लिए लगातार अपील, और कई अवसरों के निकल जाने का वर्णन किया है। उन्होंने कहा कि यह फुटेज एक मिनट-दर-मिनट का खुलासा है, जिसमें उनकी बेटी के अंतिम घंटों की कहानी सामने आती है।

दंपत्ति ने बताया कि उनकी बेटी ने कई बार मदद के लिए संकेत दिया था, लेकिन उसे सही समय पर सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के अंतिम घंटों में उसकी मानसिक स्थिति बहुत खराब थी, और वह लगातार मदद के लिए संकेत दे रही थी।

दंपत्ति ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी बेटी की मौत एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक हत्या थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के अंतिम घंटों में उसकी मौत के कई संकेत थे, जिन्हें सही समय पर पहचाना नहीं गया था।

दंपत्ति ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी बेटी की मौत के पीछे कई सवाल हैं, और उन्हें इन सवालों का जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की मौत के पीछे की सच्चाई को सामने लाने के लिए उन्हें अपनी बेटी के अंतिम घंटों के फुटेज को सार्वजनिक करने का फैसला किया है।