मध्य प्रदेश के समृद्ध जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। प्रदेश में संगठित वन अपराधों, अवैध कटाई और शिकार पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए एक समर्पित स्पेशल टास्क फोर्स (Dedicated Task Force) का गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स आधुनिक हथियारों, ड्रोन और खुफिया तंत्र से लैस होगी, जो सीधे तौर पर राज्य के संवेदनशील वन्य क्षेत्रों जैसे कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच के आसपास सक्रिय वन माफियाओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेगी।
इस स्पेशल टास्क फोर्स के गठन से वन अपराधों पर काबू पाने में मदद मिलेगी और राज्य के वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह फोर्स वन विभाग और पुलिस विभाग के साथ मिलकर काम करेगी और वन अपराधों के मामलों में तेजी से जांच और कार्रवाई करेगी।
मध्य प्रदेश में वन अपराध एक बड़ी समस्या है, जिसमें अवैध कटाई, शिकार और वन्यजीवों की तस्करी शामिल है। राज्य के वन क्षेत्रों में कई प्रजातियों के वन्यजीव पाए जाते हैं, जिनमें बाघ, तेंदुआ और हाथी शामिल हैं। इन वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए यह स्पेशल टास्क फोर्स एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
इस फोर्स के गठन के लिए राज्य सरकार ने एक विस्तृत योजना बनाई है, जिसमें फोर्स की संरचना, कार्य और जिम्मेदारियों का विवरण दिया गया है। यह फोर्स वन अपराधों के मामलों में तेजी से जांच और कार्रवाई करेगी और वन विभाग और पुलिस विभाग के साथ मिलकर काम करेगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में वन अपराधों पर काबू पाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह स्पेशल टास्क फोर्स वन अपराधों के मामलों में तेजी से जांच और कार्रवाई करेगी और राज्य के वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

