लखनऊ हाल ही में उद्घाटन किए गए 4,200 करोड़ रुपये की लागत वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और मरम्मत के अनोखे तरीके को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 13 जुलाई को जनता के लिए खोले गए देश के पहले एआई-आधारित (AI-based) ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम वाले इस एक्सप्रेसवे के प्रभावित हिस्से को सुखाने के लिए पेडेस्टल (खड़े) पंखे लगाए गए थे।

इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद निर्माण एजेंसी और प्रशासन की जमकर फजीहत हुई, जिसके बाद इन पंखों को वहां से हटा लिया गया।


बारिश और नमी बनी मुसीबत

उन्नाव के पास लखनऊ-उन्नाव बाउंड कैरिजवे पर लगभग 300 मीटर लंबे हिस्से में सब-बेस कोर्स (सड़क की निचली परत) धंस गई थी। इस हिस्से पर डामर और बिटुमेन बिछाने से पहले सतह को सुखाना बेहद जरूरी था। लगातार हो रही बारिश और अत्यधिक नमी के कारण काम बाधित हो रहा था और नई दरारें आ रही थीं।

तेजी से काम निपटाने के दबाव के चलते कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक (PNC Infratech) के कर्मचारियों ने सड़क के गीले हिस्से पर करीब एक दर्जन स्टैंड वाले पंखे चलाकर सतह को सुखाने की कोशिश की।


NHAI की सख्त कार्रवाई और टोल फ्री

सड़क धंसने और मरम्मत के दौरान आ रही दिक्कतों को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है:

  • टोल वसूली पर रोक: मरम्मत कार्य पूरा होने और यातायात सामान्य होने तक इस मार्ग पर यात्रियों से लिया जाने वाला टोल शुल्क निलंबित कर दिया गया है।

  • कार्रवाई व जुर्माना: NHAI ने ठेकेदार कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक को 'नॉन-परफॉर्मिंग कंपनी' घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कंपनी पर जुर्माना भी लगाया है।

  • निजी खर्च पर मरम्मत: पूरा मरम्मत कार्य कंपनी को अपने खर्च पर करने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि पंखों के अलावा मौके पर तिरपाल, एयर-ड्राइंग मशीनें और हाई-इंटेंसिटी पावेमेंट क्लीनिंग उपकरण भी तैनात किए गए हैं।