नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी के दौरान 90 दिनों में ICU वेंटिलेटर बनाकर चर्चा में आया IIT कानपुर के तीन पूर्व छात्रों का स्टार्टअप—नोकार्क रोबोटिक्स (Noccarc Robotics)—आज केवल वेंटिलेटर कंपनी तक सीमित नहीं रहा है। पुणे स्थित इस मेड-टेक (Med-Tech) स्टार्टअप ने क्रिटिकल केयर और AI-संचालित स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित किया है।

90 दिनों का सफर और बढ़ता विस्तार

महामारी के दौरान आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू हुई यह कंपनी अब एडवांस्ड ICU वेंटिलेटर और पेशेंट मॉनिटर बनाने के साथ-साथ गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधान विकसित कर रही है।

वर्तमान में नोकार्क के उपकरण देश भर के 700 से अधिक अस्पतालों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इनमें एम्स (AIIMS), जिपमर (JIPMER), अपोलो हॉस्पिटल्स और भारतीय सेना के अस्पताल भी शामिल हैं।

सरकार से मिला बड़ा प्रोत्साहन

मई 2026 में, नोकार्क रोबोटिक्स को भारत सरकार की रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) योजना के तहत चुने गए 5 प्रमुख 'डीप-टेक' स्टार्टअप्स में स्थान मिला, जिन्हें ₹1 लाख करोड़ के कुल प्रोत्साहन पैकेज का समर्थन प्राप्त हुआ है।

कंपनी की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि कैसे भारतीय तकनीकी नवाचार देश की स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बना रहे हैं।