कानपुर, 24 जून: लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जागी सरकारी मशीनरी ने कानपुर में अवैध और असुरक्षित तरीके से चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ एक महाभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद, कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने काकादेव, शारदा नगर और गीता नगर जैसे प्रमुख कोचिंग हब में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पिछले दो दिनों में मानकों की अनदेखी करने वाले 26 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है।
छात्रों को बाहर निकाल कर लगाया ताला
केडीए (KDA) उपाध्यक्ष के निर्देश पर काकादेव की संकरी गलियों में चल रहे कई बड़े संस्थानों पर जब टीमें पहुंचीं, तो वहाँ सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं मिले। अधिकारियों ने पहले कोचिंग के अंदर पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर मुख्य द्वारों पर सील लगा दी। बताया जा रहा है कि शहर में लगभग 350 ऐसे संस्थान चिह्नित हैं जो बेहद संकरे रास्तों और बिना 'फायर एनओसी' (Fire NOC) के हजारों छात्रों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होंगे, तब तक सील नहीं खोली जाएगी।
इसी हादसे में कानपुर के बर्रा-7 निवासी 3D आर्टिस्ट सूरज की भी लखनऊ में मौत हो गई, जिसके बाद से पूरे कानपुर में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि सिस्टम की लापरवाही और बिल्डिंग में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) न होने के कारण युवाओं की जान गई है।
