कानपुर। शहर के यशोदा नगर क्षेत्र में चल रही CM Grids परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि कई महीनों से जारी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मार्च माह से क्षेत्र में सड़क और भूमिगत निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन कई स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों का कहना है कि सड़कों के किनारे गहरी खुदाई खुली छोड़ दी गई है और निर्माण सामग्री भी बिखरी पड़ी रहती है। सुरक्षा के नाम पर केवल चेतावनी पट्टियां लगाई गई हैं, जबकि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम नजर नहीं आते।

हाल ही में हुई बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। कई गलियों और मकानों के सामने की गई खुदाई के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें घरों से निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आपातकालीन स्थिति में अस्पताल या अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में भी दिक्कतें आ सकती हैं।

क्षेत्र के व्यापारियों ने भी परियोजना के कार्यों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लगातार ट्रैफिक जाम, धूल और निर्माण कार्यों की अव्यवस्था के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों के अनुसार, ग्राहकों की आवाजाही कम होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि लंबे समय तक चली खुदाई और भारी निर्माण कार्यों के कारण आसपास के कुछ मकानों की नींव और संरचना पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी आधिकारिक जांच या पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।

स्थानीय नागरिकों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि परियोजना के निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए और लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द कार्य पूरा कराया जाए।

अब बड़ा सवाल यह है कि शहर के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई CM Grids परियोजना के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा, सुविधा और जीवन की गुणवत्ता को कितना महत्व दिया जा रहा है। क्षेत्र के लोग प्रशासन से इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।