कानपुर देहात। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री Rakesh Sachan ने वन विभाग द्वारा किए गए वृक्षारोपण के दावों पर सवाल उठाते हुए 3.46 करोड़ पौधों की स्थिति की जानकारी मांगी। मंत्री ने विभाग से उन सभी स्थानों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, जहां पौधारोपण किए जाने का दावा किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान राकेश सचान ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को भी पौधारोपण स्थलों की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे स्वयं मौके पर जाकर यह सत्यापित कर सकें कि लगाए गए पौधे वास्तव में मौजूद हैं और उनकी देखभाल की जा रही है या नहीं।

मंत्री की टिप्पणी, "एक बार हम लोग भी दर्शन कर लें", कार्यक्रम में चर्चा का विषय बन गई। इस बयान को वन विभाग के आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच संभावित अंतर की ओर इशारा माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि लगाए गए पौधे जीवित रहें और भविष्य में वृक्ष बन सकें। इसके लिए नियमित निगरानी और जवाबदेही आवश्यक है।

मंत्री के बयान के बाद वन विभाग के वृक्षारोपण अभियान और उसके परिणामों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि यदि स्थानों की सूची सार्वजनिक की जाती है, तो जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों द्वारा भी पौधों की स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जा सकेगा।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियानों की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने की दर और दीर्घकालिक संरक्षण से तय होती है।