श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने बुधवार को 'जम्मू और कश्मीर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM-G योजना, 2026 को अधिसूचित (Notify) कर दिया है। यह नई योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे केंद्र शासित प्रदेश के अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी।

'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' के तहत जारी यह योजना अब तक चल रही मनरेगा (MGNREGA) का स्थान लेगी। 'विकसित भारत @2047' के दृष्टिकोण के अनुरूप तैयार की गई यह योजना ग्रामीण रोजगार और आजीविका सृजन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है।


125 दिनों के रोजगार की गारंटी और भत्ते का प्रावधान

इस नई योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ा दी गई है।

  • बढ़ी हुई कार्य अवधि: योजना के अंतर्गत अकुशल शारीरिक श्रम (Unskilled manual work) करने के इच्छुक प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को अब सालाना 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी, जो पहले (मनरेगा में) 100 दिन थी।

  • बेरोजगारी भत्ता: काम की मांग करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार प्रदान करना अनिवार्य होगा। यदि ऐसा नहीं हो पाता है, तो आवेदक बेरोजगारी भत्ते के हकदार होंगे।

  • समय पर भुगतान: मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम पखवाड़े (15 दिन) के भीतर किया जाएगा। भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान है।

खेती-किसानी को सुरक्षा: पीक सीजन में 60 दिनों का 'पॉज'

कृषि उत्पादकता को प्रभावित होने से बचाने के लिए इस योजना में एक अनूठा और संवेदनशील बदलाव किया गया है। फसलों की बुवाई और कटाई के मुख्य सीजन (Peak Seasons) के दौरान सार्वजनिक कार्यों पर 60 दिनों का अनिवार्य प्रतिबंध (Pause) रहेगा। इससे खेती के काम के लिए मजदूरों की कमी नहीं होगी और कृषि क्षेत्र सुचारू रूप से चलता रहेगा।


विकास के 4 मुख्य सेक्टर्स और 'विकसित ग्राम पंचायत योजना'

VB-G RAM-G योजना के तहत मुख्य रूप से टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियों और आजीविका के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके लिए 4 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को चुना गया है:

  1. जल सुरक्षा (Water Security)

  2. प्रमुख ग्रामीण बुनियादी ढांचा (Core Rural Infrastructure)

  3. आजीविका संवर्धन (Livelihood Enhancement)

  4. जलवायु और आपदा लचीलापन (Climate & Disaster Resilience)

इन कार्यों की प्लानिंग 'विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं' (VGPPs) के माध्यम से की जाएगी, जिसमें जीआईएस (GIS) आधारित टूल्स और 'पीएम गति शक्ति' लेयर्स का उपयोग होगा ताकि विकास कार्यों में दोहराव से बचा जा सके।


कमजोर वर्गों और महिलाओं को विशेष प्राथमिकता

योजना में समाज के वंचित और संवेदनशील वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित 'ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड' जारी किए जाएंगे।

  • इसमें एकल महिलाएं, दिव्यांग जन, वरिष्ठ नागरिक, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs), मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर और ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं।

  • योजना के तहत कुल लाभार्थियों में से कम से कम एक-तिहाई (33%) महिलाएं होंगी।

  • इस योजना में रोजगार सृजन के मुख्य उद्देश्य को बनाए रखने के लिए ठेकेदारों (Contractors) और श्रम को विस्थापित करने वाली भारी मशीनों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।


हाई-टेक डिजिटल गवर्नेंस और बजट शेयरिंग

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए योजना को बेहद आधुनिक और डिजिटल बनाया गया है। इसमें बायोमेट्रिक और फेस-ऑथेंटिकेशन हाजिरी, जियोफेंसिंग, जीपीएस-आधारित प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग, एआई (AI) संचालित एनालिटिक्स, रियल-टाइम डैशबोर्ड और कार्यस्थलों पर अनिवार्य सार्वजनिक प्रकटीकरण (Public Disclosures) जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं।

यह एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के रूप में संचालित होगी, जिसमें केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के बीच 90:10 के अनुपात में लागत साझा (Cost-Sharing) की जाएगी। इसके अलावा, शिकायत निवारण के लिए समयबद्ध तंत्र, अनिवार्य सोशल ऑडिट और बहु-स्तरीय निगरानी व्यवस्था को भी इस ढांचे का हिस्सा बनाया गया है।