व्हाट्सएप ने केंद्र सरकार के 1 जुलाई के नोटिस के जवाब में अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत की है। लेकिन यह व्हाट्सएप और भारत सरकार के बीच चल रही वैधानिक और नियामक लड़ाई का केवल एक ही अध्याय है।
व्हाट्सएप ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, यह प्रस्तावित उपयोगकर्ता नाम सुविधा को लागू करने के लिए आवश्यक है।
लेकिन भारत सरकार ने व्हाट्सएप के इस प्रस्ताव का विरोध किया है। सरकार का कहना है कि यह सुविधा उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को खतरे में डाल सकती है।
व्हाट्सएप और भारत सरकार के बीच चल रही लड़ाई के पीछे की कहानी बहुत पुरानी है। 2016 में व्हाट्सएप ने अपने उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षा अपडेट जारी किया था, जिससे उपयोगकर्ताओं को अपने संदेशों को सुरक्षित रूप से भेजने की अनुमति मिली।
लेकिन भारत सरकार ने इस अपडेट का विरोध किया था। सरकार का कहना था कि यह अपडेट उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को खतरे में डाल सकता है।
इसके बाद से व्हाट्सएप और भारत सरकार के बीच कई बार लड़ाई हुई है। लेकिन इस बार व्हाट्सएप ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, यह प्रस्तावित उपयोगकर्ता नाम सुविधा को लागू करने के लिए आवश्यक है।

