नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति Neena Bansal Krishna ने दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में आरोपी Devangana Kalita की याचिका खारिज कर दी है। याचिका में कलिता ने पुलिस को कुछ वीडियो फुटेज और व्हाट्सएप चैट उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की थी।
याचिका दो ऐसे मामलों से संबंधित थी, जो दिल्ली में हुई हिंसा से जुड़े हैं। कलिता का तर्क था कि संबंधित डिजिटल सामग्री उनके बचाव के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है और जांच एजेंसियों के पास उपलब्ध रिकॉर्ड उन्हें उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
हालांकि, अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि मामले के तथ्यों और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों को देखते हुए याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई राहत देने का आधार नहीं बनता है।
दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी भी विभिन्न अदालतों में जारी है। इन मामलों में कई आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे चल रहे हैं और अदालतें समय-समय पर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही हैं।
इस आदेश के बाद देवांगना कलिता को संबंधित मामलों में मांगी गई वीडियो सामग्री और व्हाट्सएप चैट प्राप्त करने के लिए कोई वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाना पड़ सकता है, यदि कानून इसकी अनुमति देता हो।
