एक न्यायाधीश का निर्णय गलत था, जिसने दो लड़कों को यौन उत्पीड़न के लिए युवा पुनर्वास कार्यक्रम के लिए भेजा था। उच्च न्यायालय ने यह निर्णय दिया है कि न्यायाधीश ने गलती से यह निर्णय लिया था। यह मामला हैम्पशायर में दो लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का था। न्यायाधीश ने लड़कों को युवा पुनर्वास कार्यक्रम के लिए भेजा था, लेकिन उच्च न्यायालय ने यह निर्णय दिया है कि यह निर्णय गलत था।

अटॉर्नी जनरल रिचर्ड हर्मर ने इस मामले को उच्च न्यायालय में भेजा था, क्योंकि उन्हें लगा था कि लड़कों को दिए गए दंड कम थे। उच्च न्यायालय ने यह निर्णय दिया है कि लड़कों को जेल भेजना चाहिए था। यह निर्णय दो लड़कों के लिए है, जिन्हें X, Y और Z के नाम से जाना जाता है।

इस मामले ने देश भर में व्यापक प्रतिक्रिया की है। लोगों ने कहा है कि लड़कों को जेल भेजना चाहिए था, क्योंकि उन्होंने दो लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न किया था। उच्च न्यायालय का यह निर्णय एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह न्यायाधीश के निर्णय को गलत बताता है।